Iran Urges Negotiations After Trump Rejects Hormuz Reopening Plan

Iran’s foreign minister said only a negotiated solution can end the deadlock with the United States after the former president declined a proposal to reopen the Strait of Hormuz.
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वॉशिंगटन — इरान के विदेश मंत्री ने रविवार को कहा कि संयुक्त राज्य के साथ मौजूदा ठहराव को केवल वार्ता‑आधारित समाधान ही समाप्त कर सकता है, जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होरमुज जलडमरूमध्य को पुनः खोलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। यह बयान 27 सितंबर 2026 को तेहरान में एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान दिया गया, जिसके बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं है।

होरमुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी‑इरानी ठहराव

होरमुज जलडमरूमध्य, एक संकरी जलमार्ग जो फ़ारसी खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, वैश्विक तेल परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण धमनियों में से एक है। हाल के वर्षों में, संयुक्त राज्य ने इरान पर प्रतिबंध लगाए हैं और यदि तेहरान अपने परमाणु‑संधि संबंधी दायित्वों का पालन नहीं करता तो जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है। अमेरिकी नौसेना ने क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बनाए रखी है ताकि इरानी प्रभाव को रोका जा सके।

इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी बयान में अधिकारियों ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल द्वारा तैयार किया गया जलडमरूमध्य को पुनः खोलने का प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं था। इस प्रस्ताव में प्रतिबंधों में राहत के बदले इरान के बैलिस्टिक‑मिसाइल विकास को रोकने की शर्तें शामिल थीं।

इरान का वार्ता आह्वान

इसी पर प्रतिक्रिया स्वरूप इरान के विदेश मंत्री ने कहा कि देश संयुक्त राज्य के साथ वार्ता करने के लिए तैयार है और मौजूदा ठहराव को केवल वार्ता‑आधारित समझौता ही सुलझा सकता है। मंत्री ने यह रेखांकित किया कि इरानी सरकार ने कई बार प्रतिबंध राहत और परमाणु कार्यक्रम सहित विभिन्न मुद्दों पर वार्ता करने का प्रस्ताव रखा है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्रस्ताव के अस्वीकार के कारण वॉशिंगटन और तेहरान के बीच संबंधों में और तनाव उत्पन्न हो सकता है, जिससे फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ने की संभावना है। हर्मुज़ की खाड़ी एक गलियारा (चोकपॉइंट) है, जो विश्व के कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत संभालती है, और इसमें किसी भी व्यवधान से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

संयुक्त राष्ट्र ने विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है और दोनों पक्षों को वार्ता ताले पर लौटने की सलाह दी है। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भी एक बयान जारी कर सभी पक्षों से अपील की है कि वे खाड़ी के माध्यम से समुद्री यातायात के निरंतर प्रवाह को बनाए रखें।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

यूरोपीय राजनयिकों ने नए स्तर पर तनाव के बढ़ने की संभावना पर चिंता व्यक्त की है। यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने कहा कि ईयू संघर्ष के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन जारी रखेगा। इस बीच, संयुक्त राज्य ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के बीच ‘निर्माणशील संवाद’ की मांग की है।

एक बयान में, संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि संगठन संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच वार्ताओं को सुगम बनाने के लिए तैयार है। संयुक्त राष्ट्र ने पहले भी परमाणु मुद्दे पर वार्ताओं का मध्यस्थता का कार्य किया था, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका के जेसीपीओए (JCPOA) से हटने के बाद कोई नया समझौता नहीं हो पाया है।

आगामी कदम

ईरान के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि वह आगामी सप्ताहों में वॉशिंगटन में एक प्रतिनिधिमंडल भेजेगा ताकि नए ढांचे के तहत खाड़ी को फिर से खोलने की संभावनाओं पर चर्चा की जा सके। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि वह प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करेगा या नहीं।

स्थिति अभी भी अस्थिर है और आगामी महीनों में दोनों पक्षों द्वारा अपने विकल्पों पर विचार करने के साथ-साथ और भी विकास होने की उम्मीद है।

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