नई दिल्ली — प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ऑफ़ इंडिया (SEBI) ने पोर्टफ़ोलियो प्रबंधन सेवाओं (PMS) ढाँचे को आधुनिकीकरण करने और विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए निवेश विकल्पों का विस्तार करने हेतु नियामक सुधारों की एक श्रृंखला को मंजूरी दी है। बोर्ड के निर्णय, जो सितंबर
बाजार पर प्रभाव
उद्योग विश्लेषकों ने बताया कि ये सुधार समयोचित हैं, क्योंकि ये PMS क्षेत्र में लंबे समय से चल रही परिचालन अक्षमताओं को दूर करते हैं। सरलित निपटान ढाँचे से पोर्टफोलियो प्रबंधकों के नकदी प्रवाह प्रबंधन में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे अधिक आक्रामक निवेश रणनीतियाँ अपनाई जा सकती हैं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को कमोडिटी डेरिवेटिव्स तक पहुँच का विस्तार भारत के कमोडिटी बाजारों को वैश्विक वित्तीय प्रवाह के साथ एकीकृत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना गया है।
SEBI के अधिकारियों ने कहा कि ये सुधार भारत के वित्तीय बाजारों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के निरंतर प्रयास का हिस्सा हैं। नियामक संस्था बाजार अवसंरचना को आधुनिक बनाने, निवेशक संरक्षण को सुदृढ़ करने और सतत बाजार विकास को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक रोडमैप पर कार्य कर रही है। हालिया बोर्ड निर्णय इस व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जो परिचालन दक्षता और बाजार पहुँच पर केंद्रित हैं।
नए नियमों के लागू होने की अपेक्षा है जब आवश्यक अधिसूचनाएँ आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होंगी। बाजार सहभागियों को SEBI द्वारा जारी विस्तृत सर्कुलरों को पढ़ने की सलाह दी जाती है ताकि वे विशिष्ट अनुपालन आवश्यकताओं और समयसीमाओं को समझ सकें। नियामक संस्था ने पोर्टफोलियो
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- SEBI Clears New PMS Rules, Expands Investment Options
- SEBI clears new PMS rules, expands investment options for portfolio managers and FPIs – In
- SEBI board clears a number of reforms; expands FPI access to commodity derivatives, relaxe
- SEBI Simplifies PMS Rules and Settlement Framework; Widens Access for Foreign and Sophisti