PM Modi Visits Prambanan Temple, Boosting India‑Indonesia Cultural Ties

Prime Minister Narendra Modi’s trip to the 9th‑century Prambanan temple in Central Java underscores shared heritage and strengthens cultural diplomacy between India and Indonesia.
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नई दिल्ली — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया के मध्य जावा में स्थित प्राम्बनन मंदिर परिसर का दौरा किया, जो साझा सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने और दक्षिण‑पूर्व एशिया में भारत की राजनयिक पहुँच को सुदृढ़ करने वाले सफर का हिस्सा था। इस यात्रा की रिपोर्ट डी.डी. न्यूज़ ने 29 सितंबर 2026 को दी और इसे भारत की सांस्कृतिक कूटनीति रणनीति में एक महत्वपूर्ण क्षण बताया गया।

साझा विरासत और ऐतिहासिक संदर्भ

प्राम्बनन, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, इंडोनेशिया में सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। नौवीं शताब्दी में सैलेंद्र वंश द्वारा निर्मित यह स्थल शिव, विष्णु और ब्रह्मा की हिंदू त्रिमूर्ति को समर्पित तीन मुख्य मंदिरों को समाहित करता है। यह परिसर लंबे समय से भारतीय उपमहाद्वीप और इंडोनेशियाई द्वीपसमूह के बीच सांस्कृतिक

सार्वजनिक प्रतिक्रिया और मीडिया कवरेज

इंडोनेशिया में स्थानीय मीडिया ने इस यात्रा का व्यापक रूप से कवरेज किया, जिसमें कई समाचार माध्यमों ने हिंदू और बौद्ध समुदायों दोनों के लिए मंदिर के प्रतीकात्मक महत्व पर प्रकाश डाला। भारत में, इस घटना की रिपोर्ट DD न्यूज़ और अन्य राष्ट्रीय प्रसारकों द्वारा प्रसारित की गई, जिसने भारत की विदेशी सांस्कृतिक नीति में रुचि रखने वाले घरेलू दर्शकों के लिए इस यात्रा के महत्व को रेखांकित किया।

इंडोनेशिया में सार्वजनिक प्रतिक्रिया मुख्यतः सकारात्मक रही, जहाँ आगंतुकों ने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक बंधनों पर ध्यान केंद्रित किया। लेख के अनुसार, विरासत संरक्षण विशेषज्ञों ने इस यात्रा का स्वागत किया, जिन्होंने प्रामबानान की देखभाल के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी विशेषज्ञता सुनिश्चित करने के लिए इस साझेदारी को एक प्रभावी माध्यम के रूप में देखा।

भविष्य की संभावनाएँ

लेख के अनुसार, यह यात्रा भविष्य की सांस्कृतिक सहयोगिताओं के लिए एक मिसाल पेश करती है। इसकी उम्मीद है कि भारत इंडोनेशिया में विरासत परियोजनाओं का समर्थन जारी रखेगा, जिसमें बोरोबुदूर और प्राचीन शहर स्रागेन जैसे अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर पुनर्निर्माण कार्य शामिल हैं।

भारत की सांस्कृतिक कूटनीति टीम ने दोनों देशों के कलाकृतियों को प्रदर्शित करने वाले संयुक्त प्रदर्शनी और शैक्षणिक सम्मेलनों का आयोजन करने की योजनाएँ प्रस्तुत की हैं। इन पहलों का उद्देश्य सांस्कृतिक बंधनों को गहरा करना और युवा पीढ़ियों के बीच पारस्परिक समझ को बढ़ावा देना है।

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