वॉशिंगटन — अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तनाव कम करने के प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद, ईरान के विदेश मंत्री ने मंगलवार को कहा कि हर्मुज की खाड़ी से जुड़े विवाद को समाप्त करने का एकमात्र उपाय वार्ता से मिले समाधान है। ये टिप्पणियाँ व्हाइट हाउस के उस ऐलान के कुछ घंटों बाद की गईं, जिसमें कहा गया था कि पीछे-पीछे (बैक-चैनल) बातचीत में चर्चा किए गए इस प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। बीबीसी के अनुसार, मंत्री ने तेहरान में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “केवल वार्ता से निकला समाधान ही अमेरिका को इस अडचल (डेडलॉक) से बाहर निकाल सकता है।”
प्रस्ताव की पृष्ठभूमि
जनवरी 2026 के प्रारंभिक दौर से अमेरिका और ईरान एक-दूसरे के साथ एक श्रृंखलाबद्ध संघर्ष में फंसे हुए हैं, जब तेहरान ने फारसी खाड़ी के पास मिसाइल प्रक्षेपण फिर से शुरू किए और वॉशिंगटन ने हर्मुज की खाड़ी, जो वैश्विक तेल परिवहन के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, में नौसेना की गश्तें बढ़ा दीं। अगस्त में, दोनों राजधानियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक तटस्थ स्थल पर एक सीमित तनाव-कम करने के ढांचे (डी-एस्केलेशन फ्रेमवर्क) की खोज की, जिसके तहत ईरानी वाणिज्यिक जहाजों को बिना किसी बाधा के गुजरने की अनुमति दी जाती, बदले में अमेरिका द्वारा नए प्रतिबंधों (सैंक्शंस) को स्थगित किया जाता। इस योजना को, जिसे कूटनीतिक गोलों में “हर्मुज पहल” के रूप में वर्णित किया गया था, कभी भी औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित नहीं किया गया था।
ट्रंप का अस्वीकार
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अमेरिका किसी भी व्यवस्था को स्वीकार नहीं कर सकता जिसमें ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियों का पूर्ण बंद होना शामिल न हो। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका मौजूदा प्रतिबंधों का पालन जारी रखेगा और खाड़ी में एक मजबूत नौसेनाई उपस्थिति बनाए रखेगा। यह निर्णय 25 सितंबर को एक औपचारिक नोट के माध्यम से तेहरान को सौंपा गया, जिसे ईरानी विदेश मंत्रालय ने “एक निर्माणशील कूटनीतिक प्रयास के एकतरफा अस्वीकार” के रूप में वर्णित किया। व्हाइट हाउस ने “अमेरिका के मूल सुरक्षा हितों” को पूरा न करने के बयान के अलावा इस प्रस्ताव के अस्वीकार का कोई विस्तृत कारण नहीं दिया।
ईरान की प्रतिक्रिया
एक संक्षिप्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, विदेश मंत्री ने जोर दिया कि ईरान संवाद के लिए खुला है, लेकिन चेतावनी दी कि अमेरिकी दबाव का जारी रहना आगे के एस्केलेशन (तनाव बढ़ने) का कारण बन सकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि ईरान ने पहले ही अपने जहाजों के मार्गों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं, जिनमें अतिरिक्त नौसेनाई संपत्तियों (एसेट्स) की तैनाती शामिल है। उन्होंने कहा, “वार्ता एक स्थायी समाधान के लिए एकमात्र रास्ता है,” और जोड़ा कि ईरान अपने संप्रभु हितों की रक्षा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन जारी रखेगा।
संयुक्त राष्ट्र का दृष्टिकोण
संयुक्त राष्ट्र की अमेरिकी राजदूत लिंडा वाल्ट्ज़ ने बुधवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ईरान ने संघर्ष समाप्त करने के लिए ‘सच्चे मन’ से बातचीत नहीं की है। वाल्ट्ज़ ने हालिया ईरानी बयानों का हवाला दिया, जिन्हें उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका पर दोषारोपण करने की कोशिशों के रूप में व्याख्या की। उन्होंने कहा, “संयुक्त राष्ट्र सभी पक्षों से अनुरोध करता है कि वे शांति के प्रति प्रामाणिक प्रतिबद्धता के साथ वार्ता सार्वजनिक पर लौटें,” हालांकि उन्होंने किसी नए कूटनीतिक पहल का उल्लेख नहीं किया।
क्षेत्रीय प्रभाव
जाम की स्थिति ने तेल बाजारों के लिए चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि हर्मुज की खाड़ी वैश्विक पेट्रोलियम व्यापार का लगभग 20% हिस्सा संभालती है। विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी बाधा के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, हालांकि फ्यूचर बाजारों ने अब तक इस खबर को बिना किसी बड़ी उछाल के स्वीकार कर लिया है। पड़ोसी खाड़ी देशों ने संयम की अपील की है और तेहरान व वॉशिंगटन से उन कार्रवाइयों से बचने की सलाह दी है जो वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं।
आगामी कदम
दोनों पक्षों ने संकेत दिया है कि वे स्थिति का आकलन जारी रखेंगे। अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि वह क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति की समीक्षा करेगा, जबकि ईरान ने घोषणा की है कि वह अपने शर्तों को पूरा करने वाले किसी भी भविष्य के प्रस्ताव के लिए कूटनीतिक चैनलों को खुला रखेगा। संयुक्त राष्ट्र अपने सुरक्षा परिषद के माध्यम से घटनाक्रमों की निगरानी करेगा, जिसका इस महीने के अंत में क्षेत्रीय स्थिरता के व्यापक प्रभावों पर चर्चा के लिए बैठक का आयोजन होने की उम्मीद है।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Iranian minister says only negotiation can end conflict after Trump rejects Hormuz deal
- Iranian minister says only negotiation can end conflict after Trump rejects Hormuz deal –
- Only ‘Negotiated Solution’ Can Get US Out of ‘Deadlock,’ Iranian Diplomat Says After Trump
- UN ambassador Waltz says Iran was not negotiating ‘in good faith’ to end war – The Guardia