चेन्नई — तमिलनाडु सरकार ने अन्नन सीर योजना के लिए ₹812 करोड़ का बजट आवंटन स्वीकृत किया, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की दुल्हनों के लिए विवाह सहायता कार्यक्रम है। यह धनराशि, 5 अक्टूबर 2026 को प्रथम किस्त के रूप में जारी की गई, योग्य परिवारों को सोने के सिक्के, रेशमी साड़ी और नकद सहायता प्रदान करेगी।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह संशोधन राज्य योजना आयोग द्वारा किए गए विस्तृत सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर किया गया है। प्रवक्ता ने यह भी जोड़ा कि सरकार योजना के प्रभाव की निगरानी करेगी और यदि डेटा में विलोपन त्रुटियों (exclusion errors) का संकेत मिलता है, तो आगे के समायोजन पर विचार करेगी।
महिला अधिकारों से जुड़े गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) ने वित्तीय सहायता का स्वागत किया है, लेकिन चेतावनी दी है कि योजना की सफलता स्वर्ण सिक्कों और साड़ियों की समय पर आपूर्ति पर निर्भर करती है। गैर-सरकारी संगठन ‘साखी’ के एक प्रतिनिधि ने उल्लेख किया कि राज्य में पिछले कल्याणकारी कार्यक्रमों में डीबीटी (DBT) प्रणाली में लॉजिस्टिक बाधाओं के कारण विलंब हुआ था।
अनुपालन समय-सीमा
वित्त विभाग ने पहले चरण के भुगतान के लिए छह महीनों की अवधि निर्धारित की है, जिसका लक्षित पूर्णता तिथि 30 अप्रैल 2027 है। जिला अधिकारी तमिलनाडु राजस्व विभाग द्वारा जारी आय प्रमाणपत्रों का उपयोग करके पात्रता की सत्यापन करेंगे। लाभार्थियों को निर्धारित वितरण केंद्रों के माध्यम से स्वर्ण सिक्का और साड़ी मिलेगी, जबकि नकद घटक डीबीटी पोर्टल से जुड़े बैंक खातों में सीधे स्थानांतरित किया जाएगा।
राज्य लेखा परीक्षक दिसंबर 2026 में मध्य-वर्षीय समीक्षा करेंगे ताकि निधि उपयोग और लाभार्थी संतुष्टि का मूल्यांकन किया जा सके। यह समीक्षा विधानसभा की जनता खाता समिति (Public Accounts Committee) के समक्ष आगे की जांच के लिए प्रस्तुत की जाएगी।
भविष्य की दृष्टि
यदि योजना की रूपरेखा के अनुसार कार्यान्वित की जाती है, तो ‘अन्नन सीर’ योजना भारत के सबसे बड़े राज्य-वित्तित विवाह सहायता कार्यक्रमों में से एक बन सकती है। 812 करोड़ रुपये की आवंटित राशि एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो तमिलनाडु सरकार की 2027 के राज्य विधानसभा चुनावों से पहले सामाजिक कल्याण पर केंद्रित ध्यान को रेखांकित करती है।