लंदन — इज़राइल ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम की पूर्व जेरूसलेम में स्थित कंसुलेट मिशन अब कार्यरत नहीं है और लगभग 20 कूटनीतिक अधिकारी इस पद से हटाए जाएंगे, जबकि ब्रिटिश विदेश मंत्रालय ने कहा कि मूल सेवाएं जारी रहेंगी।
इज़राइली घोषणा
गुरुवार को इज़राइली अधिकारियों ने रिपोर्टरों को बताया कि पूर्व जेरूसलेम में ब्रिटिश कंसुलेट अब संचालित नहीं है और लगभग 20 कूटनीतिक स्टाफ की एक टीम को वापस बुलाया जाएगा। इज़राइल के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता द्वारा दी गई इस बयान में कहा गया कि यह कदम यूनाइटेड किंगडम के उस निर्णय को दर्शाता है, जिसके तहत विवादित क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को कम करने का फैसला लिया गया है।
ब्रिटिश प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलीबैंड ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूनाइटेड किंगडम शहर में ब्रिटिश नागरिकों और अन्य हितधारकों को “महत्वपूर्ण सेवाएं” प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्ध है। एक प्रेस ब्रीफिंग में, मिलीबैंड ने कहा कि वे कूटनीतिक स्टाफ जो हट रहे हैं, उनकी जगह कंसुलर सहायता, व्यापार प्रवर्धन और सांस्कृतिक संपर्क पर केंद्रित एक छोटी टीम नियुक्त की जाएगी।
डग्राडिंग की पृष्ठभूमि
पूर्व जेरूसलेम में ब्रिटिश कूटनीतिक मिशन को 2022 में कंसुलेट के स्तर तक उन्नत किया गया था, एक कदम जिसकी इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने आलोचना की थी, जो शहर के पूर्वी क्षेत्र को भविष्य के पालेस्टीनी राजधानी का हिस्सा मानते हैं। यूनाइटेड किंगडम ने यह स्पष्ट किया है कि उन्नयन का उद्देश्य सेवा подаवृत्ति को बेहतर बनाना था, न कि संप्रभुता पर नीतिगत बदलाव का संकेत देना।
हाल के महीनों में, विरोध प्रदर्शनों और झड़पों की एक श्रृंखला के बाद इज़राइल ने पश्चिम किनारे और पूर्व जेरूसलेम में अपने कूटनीतिक मिशन के चारों ओर सुरक्षा कड़ी कर दी है। इज़राइली सरकार ने विदेशी मिशन को भी चेतावनी दी है कि कोई भी गतिविधि जिसे वह अपनी सुरक्षा स्थिति को कमजोर करने वाला माने, संचालन संबंधी प्रतिबंधों का कारण बन सकती है।
ब्रिटिश नागरिकों के लिए प्रभाव
ब्रिटिश विदेश, कॉमनवेल्थ और विकास मंत्रालय (एफसीडीओ) ने बुधवार को एक सलाह जारी की, जिसमें पश्चिम किनारे और गजा में रहने वाले नागरिकों से अनुरोध किया गया कि वे नजदीकी ब्रिटिश मिशन में पंजीकरण कराएं और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचें। सलाह में उल्लेख किया गया कि कूटनीतिक उपस्थिति में कमी से पासपोर्ट जारी करने, आपातकालीन यात्रा दस्तावेजों के प्रकाशन या गिरफ्तार नागरिकों को सहायता प्रदान करने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पश्चिमी जेरूसलम में कार्यरत ब्रिटिश प्रवासी तथा गैर‑सरकारी संगठन ने कहा कि वे वीज़ा प्रसंस्करण एवं कानूनी सहायता जैसी सेवाओं की निरंतरता की अपेक्षा करते हैं, यद्यपि उन्होंने स्वीकार किया कि कम स्टाफ के कारण प्रसंस्करण समय बढ़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राज्य अमेरिका, जो पूर्वी जेरूसलम में अपना कौंसुलर कार्यालय संचालित करता है, ने एक बयान जारी किया जिसमें उसने “कूटनीतिक मिशनों के प्रति सम्मान और सभी विदेशी कर्मचारियों की सुरक्षा” का आह्वान किया। यूरोपीय संघ के जेरूसलम स्थित कूटनीतिक दल ने भी स्टाफ में कमी के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए दोनों पक्षों से वियना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशन्स का पालन करने का आग्रह किया।
क्षेत्रीय संदर्भ
यह घोषणा जेरूसलम के पवित्र स्थलों की स्थिति पर बढ़ती तनाव के बीच की गई है, जहाँ इज़राइली पुलिस ने फिलिस्तीनी उपासकों के साथ टकराव किया है। इज़राइली सरकार ने वेस्ट बैंक में बस्ती निर्माण का विस्तार करने की योजनाएँ भी घोषित की हैं, जिसे संयुक्त राष्ट्र तथा कई यूरोपीय राजधानियों ने निंदा की है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह ब्रिटिश निर्णय क्षेत्र में कूटनीतिक संसाधनों के व्यापक पुनर्संयोजन का हिस्सा हो सकता है, जहाँ सुरक्षा संबंधी विचारों ने कई देशों को अपनी मिशनों के आकार और दायरे का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित किया है।
अगले कदम
इज़राइल ने कहा कि वह ब्रिटेन के साथ समन्वय करेगा ताकि कर्मचारियों की सुव्यवस्थित निकासी और शेष कौंसुलर कार्यों का हस्तांतरण सुनिश्चित किया जा सके।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Most UK diplomats to leave East Jerusalem consulate, Israel says, as Miliband says ‘vital
- Most UK diplomats to leave East Jerusalem consulate as Miliband says ‘mission’ to remain –
- Israel says British Consulate in east Jerusalem has ceased to function and 20 diplomats wi
- Britain says its consulate in east Jerusalem is downgraded and other Mideast developments