वॉशिंगटन — मिस्र की सुरक्षा एजेंसियों ने 3 अक्टूबर 2026 को माट्सादा2श समाचार आउटलेट के छह रिपोर्टरों को हिरासत में लिया और उन्हें देश के आतंकवाद विरोधी कानून के तहत आरोपित किया, जैसा कि कई समाचार रिपोर्टों में बताया गया है। पत्रकार, जो एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर कार्य करते हैं जो राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को कवर करता है, दावा करते हैं कि उन्हें हिरासत के दौरान शारीरिक दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा, जिसे एक स्थानीय मानवाधिकार गैर‑सरकारी संगठन ने भी पुष्टि की।
हिरासत और आरोप
अधिकारियों ने 3 अक्टूबर की सुबह कैरो में माट्सादा2श के समाचार कक्ष में प्रवेश किया और छह कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आतंकवादी संगठन से कथित संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि पत्रकारों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली सामग्री प्रकाशित की है। आरोप मिस्र के 2017 के आतंकवाद विरोधी कानून संख्या 94 के तहत दायर किए गए, जिसके तहत अधिकतम 15 वर्ष की कैद की सजा है।
दुरुपयोग के आरोप
जमान
अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ
इन गिरफ्तारीयों का संबंध मिस्र में मीडिया दमन के व्यापक पैटर्न से है, जहाँ पत्रकारों को मानहानि, झूठी खबरें फैलाने या उग्रवादी समूहों के कथित समर्थन के लिए बार‑बार अभियोजन का सामना करना पड़ा है। 2024 में, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर संयुक्त राष्ट्र विशेष रिपोर्टर ने ऐसे अभियोजनों के स्वतंत्र रिपोर्टिंग पर “शीतल प्रभाव” डालने की चिंता व्यक्त की।
पत्रकारिता स्वतंत्रता समूहों की प्रतिक्रियाएँ
रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) ने इस हिरासत को “पत्रकारिता स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन” कहा और मिस्र के अधिकारियों से आतंकवाद के आरोपों को वापस लेने का आग्रह किया। इस संगठन ने बताया कि पत्रकारों के कार्य को पहले किसी न्यायालय द्वारा उग्रवादी के रूप में चिन्हित नहीं किया गया था।
संभावित कानूनी परिणाम
यदि दोषी ठहराए जाते हैं, तो पत्रकारों को अधिकतम 15 वर्ष की जेल, एक मिलियन मिस्र पाउंड तक का जुर्माना, या दोनों का सामना करना पड़ सकता है। मिस्र के कानून में कथित आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संपत्तियों की जब्ती की भी अनुमति है। कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि हाल के वर्षों में आतंकवाद विरोधी धाराओं को व्यापक रूप से लागू किया गया है, अक्सर गैर‑हिंसक अभिव्यक्तियों को भी शामिल किया गया है।
आगे के कदम
इस मामले की प्रारम्भिक सुनवाई 15 अक्टूबर 2026 को काहिरा आपराधिक न्यायालय में निर्धारित है। अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार संघ के पर्यवेक्षकों ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु कार्यवाही में भाग लेने का अनुरोध किया है।