नई दिल्ली — भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने 6 अक्टूबर को उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में ‘माउंटेन गार्डियन’ संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया। इस अभ्यास में भारतीय सेना की 4वीं माउंटेन डिवीजन के 92 सैनिक और UAE बलों की समान संख्या शामिल है, जिसका केंद्र उच्च‑ऊंचाई युद्ध, संयुक्त रसद और आपदा‑निवारण संचालन पर है।
अभ्यास का दायरा और भाग लेने वाली इकाइयाँ
भारतीय पंक्ति में पायदल बटालियन, इंजीनियरिंग कंपनियाँ और ठंडे मौसम के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा टीम शामिल हैं। UAE पक्ष अपनी सशस्त्र बलों के विशेष संचालन विंग से एक पर्वतीय प्रशिक्षण इकाई तैनात करता है। दोनों पक्ष 2022 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय रक्षा सहयोग ढांचे के अंतर्गत कार्य करते हैं, जो नियमित संयुक्त प्रशिक्षण और ज्ञान विनिमय का आह्वान करता है।
अभ्यास के ब्रीफ के अनुसार, प्रथम चरण दस दिनों तक चलता है और इसमें टोही, लाइव‑फायर ड्रिल, घायलों का निकासी और संयुक्त कमांड‑एंड‑कंट्रोल सिमुलेशन शामिल हैं। भूभाग 2,500 से 3,800 मीटर की ऊँचाई पर फैला है, जो सैनिकों की सहनशक्ति और उपकरण के प्रदर्शन को पतले वायुमंडल में परखता है।
रणनीतिक संदर्भ
यह अभ्यास भारत‑यूएई के कई सहयोगों के बाद आता है, जिसमें अरब सागर में नौसेना अभ्यास और संयुक्त आतंकवाद‑विरोधी कार्यशालाएँ शामिल हैं। रक्षा अधिकारियों का कहना है कि पर्वतीय प्रशिक्षण मौजूदा समुद्री सहयोग को पूरक करता है, विभिन्न परिचालन वातावरणों में पारस्परिकता को विस्तारित करके।
भारत के रक्षा मंत्रालय ने उत्तरी सीमाओं पर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच उच्च‑ऊँचाई तत्परता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है। संयुक्त अरब अमीरात, जो एक उभरता रक्षा साझेदार है, अपने स्वयं के पर्वतीय क्षेत्रों, जैसे हजर श्रृंखला में तैनात की जा सकने वाली क्षमताओं को विकसित करने का लक्ष्य रखता है।
लॉजिस्टिक्स एवं समर्थन
दोनों सेनाओं ने देहरादून और नैनीताल में अग्रिम लॉजिस्टिक बेस स्थापित किए हैं ताकि भोजन, ईंधन और चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके। भारतीय सेना के हाई अल्टिट्यूड वारफेयर स्कूल द्वारा अनुकूलन और उपकरण रखरखाव पर तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है। यूएई दल अपने स्वयं के शीतकालीन गियर और पोर्टेबल संचार प्रणालियों को लेकर आया है, जिन्हें भारतीय प्लेटफ़ॉर्म के साथ संगतता के लिए परीक्षण किया जा रहा है।
उत्तराखंड के स्थानीय प्राधिकरणों ने नागरिक यातायात और पर्यटन में न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए सशस्त्र बलों के साथ समन्वय किया है। राज्य सरकार ने चयनित पर्वतीय मार्गों पर अस्थायी सड़क बंदी जारी की है और अभ्यास के दौरान होने वाली किसी भी चोट के लिए चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की है।
भविष्य सहयोग
दोनों देशों के अधिकारियों ने संकेत दिया कि यह अभ्यास वार्षिक कार्यक्रम बन सकता है, जो क्षेत्र के विभिन्न पर्वतीय श्रृंखलाओं में क्रमागत रूप से आयोजित होगा। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह ड्रिल व्यापक रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करता है, जिसमें व्यापार, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सहयोग शामिल हैं।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- India, UAE begin ‘Mountain Guardian’ military exercise
- India-UAE Joint Military Exercise Mountain Guardian 2026 Begins in Uttarakhand – Utkarsh C
- India-UAE Joint Military Exercise Mountain Guardian 2026 Begins in Uttarakhand – SSBCrack
- 92 Troops, One Mission: India, UAE Kick Off Mountain Warfare Exercise – PGurus