न्यूयॉर्क — विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 26 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सामान्य बहस के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरिफ को एक तीव्र प्रत्युत्तर दिया, इस्लामाबाद की सीमा‑
मंत्री ने यह रेखांकित किया कि भारत के बुनियादी ढाँचे के प्रोजेक्ट, जिनमें जलविद्युत संयंत्र भी शामिल हैं, संधि और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप निर्मित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान की जल प्रबंधन समस्याएँ आंतरिक हैं और इन्हें द्विपक्षीय विवाद के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। जयशंकर ने भारत की संधि के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया, जबकि अपने हिस्से के पानी का विकास और ऊर्जा सुरक्षा हेतु उपयोग करने के अधिकार को सुरक्षित रखने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संधि द्विपक्षीय संबंधों की आधारशिला बनी हुई है और भारत संवाद के लिए खुला है, परंतु तथ्यों पर आधारित न होने वाले आरोपों को स्वीकार नहीं करेगा।
कूटनीतिक संदर्भ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासभा का सामान्य बहस मंच राष्ट्राध्यक्षों और सरकारों को वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर देता है, और भारत‑पाकिस्तान का आदान‑प्रदान राजनयिकों और पर्यवेक्षकों का ध्यान आकर्षित किया। यह टकराव दोनों परमाणु-सज्जित पड़ोसियों के बीच चल रही तनावों को उजागर करता है, जो हालिया सुरक्षा घटनाओं और कूटनीतिक ठहरावों से और भी बढ़ गए हैं।
भारत का कूटनीतिक दल हाल के महीनों में सक्रिय रहा है, विभिन्न देशों के साथ संवाद करके अपनी सुरक्षा और जल संसाधनों पर स्थिति स्पष्ट कर रहा है। मंत्री के बयानों का उद्देश्य भारत की व्यापक विदेश नीति के लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें राष्ट्रीय हितों पर स्पष्ट और सुसंगत कथा प्रस्तुत करना शामिल है। उन्होंने ज़ोर दिया कि भारत का दृष्टिकोण संवाद और सहयोग पर आधारित है, परंतु वह अपनी सुरक्षा या संप्रभुता पर समझौता नहीं करेगा।
जयशंकर के संबोधन पर प्रतिक्रियाएँ मिश्रित थीं; कुछ देशों ने भारत‑पाकिस्तान संबंधों की जटिलता और शिथिलता की आवश्यकता को स्वीकार किया। अन्य, विशेषकर वे देश जिनके क्षेत्र में रणनीतिक हित हैं, ने संयम और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के पालन का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग पर आगे चर्चा जारी रहने की उम्मीद है, जबकि भारत‑पाकिस्तान गतिशीलता एक प्रमुख विषय बनी रहेगी।
विश्लेषकों ने नोट किया कि यह आदान‑प्रदान दोनों राष्ट्रों के बीच गहरी जड़ित अविश्वास और प्रमुख मुद्दों पर प्रगति प्राप्त करने की कठिनाई को दर्शाता है। मंत्री की दृढ़ स्थिति को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक संकेत के रूप में देखा जाता है कि भारत कूटनीतिक दबाव से विचलित नहीं होगा और अपने अधिकारों व हितों का दावा जारी रखेगा।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- At UNGA, Jaishankar hits back at Pakistan PM on terrorism, Indus Waters Treaty
- India hits back at Pakistan at UN, says ‘serial practitioner of terrorism’ cannot claim im
- Arguments by serial practitioner of terrorism will not stand: EAM Jaishankar slams Pakista
- UNGA 2024: Jaishankar Hits Back At Pakistani Journalist, Raises Red Sea Attacks – India To