जेनैवा — बम अभी भी गाज़ा और मध्य पूर्व के अन्य क्षेत्रों पर गिरते जा रहे हैं, जबकि कूटनीतिक मार्ग सक्रिय बने हुए हैं। 26 सितंबर 2026 को प्रकाशित अल जज़ीरा की एक
गाज़ा के अलावा, इस्राइली हवाई अभियान ने सीरिया और इराक में ईरानी शासन से जुड़े बलों को भी निशाना बनाया है। जेरूसलेम पोस्ट के अनुसार, एक सप्ताह में गिराए गए 6,500 बमों का लक्ष्य आपूर्ति भंडार और प्रशिक्षण शिविर थे। यह अभियान क्षेत्र में ईरानी प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
अंतर्राष्ट्रीय कानूनी दृष्टिकोण
कानूनी विशेषज्ञों ने इस पर बहस की है कि क्या ये बमबारी अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुपालन में है। अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने इस मामले पर अभी तक कोई फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार परिषद ने संभावित युद्ध अपराधों की जांच के लिए आह्वान किया है।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय कार्य समन्वय कार्यालय (OCHA) ने 20 सितंबर 2026 को एक ब्रीफिंग जारी की, जिसमें उल्लेख किया गया कि गाज़ा में मानवीय स्थिति अभी भी गंभीर है, जहाँ चिकित्सा सामग्री और बिजली की कमी का सामना किया जा रहा है। ब्रीफिंग में समन्वित राहत प्रयासों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया, जिसे जारी संघर्षों के कारण बाधित किया गया है।
कूटनीति की भूमिका और सीमाएँ
हालाँकि कूटनीतिक मार्ग खुले हैं, लेकिन संलग्न पक्षों के बीच एकजुट मोर्चे की कमी के कारण वार्ताओं की प्रभावशीलता सीमित है। फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने बमबारी को रोकने की मांग की है, लेकिन हमास के नेतृत्व ने इस आह्वान में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिसके लिए इस्राइल पर दबाव बनाए रखने की आवश्यकता का हवाला दिया गया है।
व्यापक मध्य पूर्व में, तुर्की और कतर जैसे क्षेत्रीय शक्तियों ने मध्यस्थता की पेशकश की है, लेकिन इस्राइली सेना (IDF) के नेतृत्व ने इन प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया है, जो ईरानी प्रभाव का मुकाबला करने के लिए सैन्य समाधान पर बल दे रही है।
भविष्य की संभावनाएँ
26 सितंबर 2026 तक, बमबारी अभियान जारी है, जिसमें IDF ईरान से जुड़े लक्ष्यों पर हवाई हमलों का एक निर्धारित कार्यक्रम बनाए हुए है। कूटनीतिक प्रयास, जो जारी हैं, अभी तक एक स्थायी आतंकविराम या प्रयुक्त बमों की संख्या में कमी लाने में सफल नहीं हुए हैं।