IIM Bangalore, Ministry of Minority Affairs Sign MoU to Monitor 43 Training Centres Under PM VIKAS

The partnership will oversee skill‑development hubs across five states to improve programme delivery for minority communities.
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नई दिल्ली — IIM बैंगलोर और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने 26 सितंबर 2026 को पीएम विकास कार्यक्रम के अंतर्गत पाँच राज्यों में 43 प्रशिक्षण केंद्रों की निगरानी हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक में स्थित ये केंद्र अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कौशल‑विकास पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता और पहुँच को सुधारने हेतु संयुक्त पर्यवेक्षण प्राप्त करेंगे।पक्षकारों की प्रतिक्रियाएँ

मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में, अधिकारियों ने कहा कि इस साझेदारी से प्रशिक्षण वितरण में डेटा-आधारित दृष्टिकोण को प्रमुखता मिलेगी। आईआईएम बेंगलुरु के प्रवक्ता ने संस्थान के बड़े पैमाने पर शैक्षणिक कार्यक्रमों की निगरानी करने के अनुभव पर प्रकाश डाला। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के राज्य शैक्षणिक अधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने अपने-अपने केंद्रों में सुसंगत गुणवत्ता जाँचों की आवश्यकता का उल्लेख किया।

भविष्य की दृष्टि

दोनों पक्षों ने संकेत दिया कि निगरानी ढांचे की समीक्षा कार्यान्वयन के पहले वर्ष के बाद की जाएगी। यदि यह मॉडल सफल साबित होता है, तो इसे अतिरिक्त केंद्रों और अन्य कौशल विकास योजनाओं को शामिल करने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। समझौते पत्र (MoU) में पायलट चरण का भी उल्लेख है, जिसमें केंद्रों के एक उपसमूह को डिजिटल बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी।

पीएम विकस का पृष्ठभूमि

पीएम विकस, जिसे 2024 में शुरू किया गया था, एक केंद्र सरकार की योजना है जिसका उद्देश्य कम प्रतिनिधित्व प्राप्त समुदायों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण में सुधार लाना है। यह पाठ्यक्रम विकास, शिक्षक प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए वित्त पोषण प्रदान करता है। आईआईएम बेंगलुरु का यह साझेदारी इस योजना के तहत एक प्रमुख व्यापार विद्यालय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के बीच पहली औपचारिक सहयोग है।

कानूनी और प्रशासनिक ढांचा

यह समझौता पत्र अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की कौशल विकास नीति की धाराओं और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अधीन है। यह राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के समावेशी विकास पर जोर देने के साथ भी अनुरूप है। यह स्मरण पत्र मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल के तहत पंजीकृत है और संदर्भ के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।

प्राथमिक स्रोत और आधिकारिक रिकॉर्ड

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