लंदन — सूडानी पाउंड ने वर्षों में अपने सबसे निम्न स्तर पर गिरावट दर्ज की है, जिससे महंगाई में तेज़ी से गिरावट आई है और देशभर के परिवारों को रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करने में कठिनाई हो रही है। अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में सिविल संघर्ष की शुरुआत से मुद्रा ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 70% से अधिक मूल्य खो दिया है, जबकि उपभोक्ता कीमतें पिछले बारह महीनों में दो अंकों के प्रतिशत से बढ़ी हैं।
मुद्रा का पतन और बढ़ती कीमतें
पिछले वर्ष में, सूडान के केंद्रीय बैंक को विदेशी विनिमय बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर होना पड़ा, परंतु पाउंड का अवमूल्यन किसी भी स्थिरीकरण उपाय से तेज़ रहा। पाउंड का मूल्य लगभग 4,500 से 12,000
सरकारी प्रतिक्रिया और नीति उपाय
प्रधानमंत्री हिशाम अल‑महदी की सरकार ने अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के उद्देश्य से कई उपायों की घोषणा की है। इनमें गैर‑आवश्यक वस्तुओं के आयात पर अस्थायी रोक, लक्ज़री वस्तुओं पर 10 % कर, और अगले वित्तीय वर्ष में न्यूनतम वेतन को 15 % बढ़ाने का वचन शामिल है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर चिंताओं के कारण पाउंड की कीमत को बाजार द्वारा निर्धारित करने की अनुमति जारी रखने का बयान दिया है।
अंतर्राष्ट्रीय सहायता और आर्थिक मदद
संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक ने सूडानी सरकार से अधिक सक्रिय मौद्रिक नीति अपनाने और ऋणदात्री देशों से ऋण राहत पैकेज की मांग करने का आग्रह किया है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने संरचनात्मक सुधारों के कार्यान्वयन और राजकोषीय घाटे को कम करने के प्रतिबद्धता के आधार पर 1.5 अर्ब डॉलर की शर्तीय ऋण सुविधा प्रस्तावित की है। इसी बीच, अफ्रीकी संघ ने खाद्य आयात को समर्थन देने और कीमतों में वृद्धि को रोकने के लिए एक क्षेत्रीय स्थिरीकरण कोष की मांग की है।
व्यापक क्षेत्रीय संदर्भ
सूडान का आर्थिक संकट इस क्षेत्र में चल रही मुद्रा अस्थिरता के व्यापक पैटर्न का हिस्सा है। ईरान के राष्ट्रीय प्रतिरोध परिषद की एक रिपोर्ट में ईरान में समान महंगाई दबावों को उजागर किया गया है, जहाँ रियाल का मूल्य गिर गया है और महंगाई ने अभूतपूर्व स्तर प्राप्त कर लिया है। विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध‑संबंधी व्यवधान, प्रतिबंध और वैश्विक वस्तु मूल्यों में उतार‑चढ़ाव ने कई अफ्रीकी और मध्य‑पूर्वी अर्थव्यवस्थाओं की आर्थिक नाजुकता को और बढ़ा दिया है।