लंदन — 25 सितंबर 2026 को जारी एक नवीन रिपोर्ट से पता चलता है कि नाइजीरिया में बच्चों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण बढ़ रहा है क्योंकि खाद्य और ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, एक प्रवृत्ति जिसे विश्लेषकों ने संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से जोड़ा है। लागत में वृद्धि घरेलू बजट को कसा रही है और पूरे देश में पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच को सीमित कर रही है।
वैश्विक संघर्ष से जुड़ी खाद्य मूल्य वृद्धि
अल जज़ीरा के वीडियो फ़ीड “नाइजीरिया में बढ़ता कुपोषण क्योंकि यूएस का ईरान पर युद्ध खाद्य लागत बढ़ा रहा है” में दिखाया गया है कि संघर्ष ने वैश्विक अनाज आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित किया है, जिससे चावल, मक्का और गेहूं जैसे मुख्य अनाजों की कीमतें बढ़ गई हैं। रिपोर्ट में उल्लेख है कि नाइजीरिया का आयात‑निर्भर खाद्य बाजार 2026 की शुरुआत से युद्ध के बाद से मूल अनाजों की कीमतों में 12‑15% की वृद्धि देख रहा है।
बच्चों और माताओं पर प्रभाव
Healthwise.punchng.com ने रिपोर्ट किया है कि पूर्व उपर
सरकारी प्रतिक्रिया
संघीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति जारी कर बढ़ती कुपोषण संकट की पुष्टि की है। मंत्रालय ने कहा कि वह अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर खाद्य सहायता को बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला लॉजिस्टिक्स को सुधारने के लिए काम कर रहा है। इसके अलावा, इसने सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लक्षित करने के लिए एक नया पोषण कार्यक्रम की घोषणा भी की है।
इस बीच, नाइजीरिया राष्ट्रीय खाद्य प्राधिकरण ने मूलभूत अनाजों पर एक अस्थायी सब्सिडी की घोषणा की है ताकि घरों को कीमतों में उछाल से राहत मिल सके। प्राधिकरण ने कहा कि बाजार की स्थितियों के आगे के मूल्यांकन के प्रतीक्षा में, अगले छह महीनों के लिए चावल और मक्का की लागत का 30 प्रतिशत इस सब्सिडी के दायरे में आएगा।
व्यापक आर्थिक संदर्भ
विश्लेषकों का कहना है कि युद्ध के वैश्विक तेल बाजारों पर प्रभाव बढ़ती लागत का एक द्वितीयक कारक है। इस संघर्ष के कारण 2026 के पहले तिमाही में कच्चे तेल की कीमतें 8 प्रतिशत बढ़ गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप अफ्रीका भर में ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। ऊंचे ईंधन खर्चों ने खाद्य उत्पादकों और वितरकों के परिवहन खर्चों को बढ़ा दिया है, जिससे खाद्य पदार्थों पर समग्र मुद्रास्फीति दबाव में वृद्धि हुई है।
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने मानवitarian संकट के संभावित जोखिम पर चिंता व्यक्त की है। WFP के एक प्रवक्ता ने कहा कि संगठन स्थिति की नज़दीकी निगरानी कर रहा है और आवश्यकतानुसार आपातकालीन खाद्य सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।
आगामी परिदृश्य
विशेषज्ञों की चेतावनी है कि यदि तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो कुपोषण का रुझान और भी गंभीर हो सकता है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पहले से ही सीमित है। इस रिपोर्ट में नाइजीरियाई सरकार, अंतर्राष्ट्रीय दानदाताओं और स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के बीच समन्वित प्रयासों की महत्वपूर्णता पर जोर दिया गया है ताकि खाद्य संकट की आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों को प्रभावी ढंग से संबोधित किया जा सके।