जिनेवा — एक दुर्लभ कूटनीतिक असहमति के प्रदर्शन में, 25 सितंबर 2026 को इज़राइल के प्रधान मंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के भाषण के बाद, जिसे आलोचकों ने गाज़ा में मानवीय संकट को अनदेखा करने वाला बताया, संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र से दर्जनों देशों ने बहिष्कार किया। एक इज़राइली राजनयिक, जो सभागार में उपस्थित थे, को बहिष्कार के दौरान नोट्स लेते हुए तस्वीर में कैद किया गया।
UN सत्र ने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया
सामान्य सभा ने अपने 78वें सत्र में मध्य पूर्व पर बहस के लिए बैठक बुलाई। नेतन्याहू ने इज़राइली प्रतिनिधिमंडल के मंच से बोलते हुए अपनी सरकार की सुरक्षा और क्षेत्रीय दावों पर स्थिति दोहराई। इस भाषण पर कई सदस्य राज्यों ने तुरंत विरोध जताया और कब्जे वाले क्षेत्रों में इज़राइल की नीतियों के प्रति अस्वीकृति व्यक्त करने के लिए बहिष्कार किया।
प्रस्थान का दस्तावेजीकरण
इमिराट्स की आवाज़ के एक स्वतंत्र रिपोर्ट के अनुसार, इज़राइली राजनयिक ने उन देशों की सूची तैयार की जिन्होंने सभागार छोड़ा। बाद में यह सूची मीडिया आउटलेट्स के साथ साझा की गई, जिसमें मध्य पूर्व, यूरोप और अमेरिका के देशों का विस्तृत स्पेक्ट्रम शामिल था। रिपोर्ट में सटीक नामों
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रियाएँ
विच्छेदन के बाद, कई संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों ने गाज़ा संघर्ष में इज़राइल सरकार के रवैये की निंदा करते हुए बयान जारी किए। संयुक्त राष्ट्र महासचिव कार्यालय ने एक संक्षिप्त बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि सत्र बाधित हुआ था, परंतु सभा इस विषय पर अपनी चर्चा जारी रखेगी। उन देशों की संख्या का विवरण देने वाले कोई आधिकारिक यूएन दस्तावेज़ जारी नहीं किए गए।
इज़राइली कूटनीतिक प्रतिक्रिया
इज़राइल के अधिकारियों ने अभी तक इस विच्छेदन के संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है। तथापि, इज़राइल विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि राजनयिक नोट्स को नियमित प्रक्रिया के तहत लिया गया था, ताकि प्रदर्शन का इज़राइल की कूटनीतिक स्थिति पर प्रभाव का आकलन किया जा सके। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मंत्रालय आने वाले दिनों में स्थिति की समीक्षा करेगा।
भाषण का संदर्भ
नतन्याहू का संबोधन, जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासचिव और अन्य विश्व नेताओं की उपस्थिति थी, इज़राइल की सुरक्षा चिंताओं और एक वार्ता‑आधारित समाधान की आवश्यकता पर केंद्रित था। इस भाषण की कई मानवाधिकार संगठनों द्वारा गाज़ा में नागरिक हताहतों को कम आंकने के लिए आलोचना की गई। यह विच्छेदन 2018 के गाज़ा संघर्षविराम वार्ताओं के बाद यूएन सत्र में पहला बड़े पैमाने पर प्रस्थान था।
भविष्य के यूएन बहसों पर प्रभाव
हालांकि इस विच्छेदन ने महासभा के कार्यसूची को रोक नहीं दिया, इसने कब्जे वाले क्षेत्रों में इज़राइल की नीतियों को लेकर सदस्य देशों में बढ़ती निराशा को उजागर किया। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना भविष्य में संघर्ष से संबंधित यूएन प्रस्तावों को प्रभावित कर सकती है, परंतु अभी तक कोई त्वरित परिवर्तन घोषित नहीं किया गया है।
प्राथमिक स्रोत एवं आधिकारिक दस्तावेज़
- Israeli official takes notes after UN walkout against Netanyahu
- Editor’s Notes: I was wrong about Israel’s third bloc – The Jerusalem Post
- An Israeli diplomat documents the list of countries that walked out during Netanyahu’s UN
- Moment Israeli Official is Seen Taking Notes After Dozens Walk Out During Netanyahu’s UN S